एमिरेट्सएडिडास

ज़मोरा रिकार्डो ज़मोरा मार्टिनेज

1930 · 1936
जन्म स्थान
बार्सिलोना (स्पेन)
जन्म का साल
21/01/1901

एक गजब का

तीस के दशक के दौरान स्पेन फुटबॉल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा और खेल के इतिहास के महान खिलाड़ियों में शुमार। रिकार्डो जमोरा मार्टिनेज में एक गोलकीपर के रूप में वह सभी गुण थे, जो हर खिलाड़ी कल्पना करता है इसलिए इस खिलाड़ी को इतना महान खिलाड़ी कहा जाता है। गोल पोस्ट पर उनकी मौजूदगी के कारण उनकी टीम 2 ला लीगा खिताब (1931/32 और 1932/33) जीतने में सफल रही।

जमोरा के पिता डॉक्टर थे और उन्होंने अपने पिता की डॉक्टर बनने की सलाह को नजरदांज किया। अपनी काबिलियत के कारण उन्होंने 15 साल की उम्र में एस्पेनॉल के साथ अनुबंध किया और केवल 19 साल
की उम्र में ओलंपिक सिल्वर मेडल (1920 में एंटवर्प ओलंपिक खेल) जीता। साल 1930 में वह एस्पेनॉल के साथ बार्सिलोना के साथ रहे, इसके बाद उन्होंने बहुत उत्साह से रियल मैड्रिड के साथ अनुबंध किया।

रियल मैड्रिड के साथ उनके खेल में काफी निखार देखने को मिला। गोल के सामने उनकी स्थिति बिल्कुल सही थी। वह अपने अविश्वसनीय सजगता, रिफ्लेक्शन और शानदार व्यक्तित्व के कारण गोल पोस्ट पर मजबूती के साथ खड़े रहे। साल 1931/32 में

उन्होंने टीम की कमान संभाली, उस सीजन में टीम ने बिना कोई मैच हारे ला लीगा का खिताब जीता।

रियल मैड्रिड के साथ उनका आखिरी मैच साल 1936 में कप फाइनल था, जहां उन्होंने यादगार प्रदर्शन करते हुए अपनी टीम को एक और ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई। जमोरा ने फ्रांस में नाइस के साथ अपने करियर को विराम दिया। ला लीगा में सबसे कम गोल होने का रिकॉर्ड आज भी इस खिलाड़ी के नाम पर है। यदि उनके समय में ट्रॉफी मौजूद होती, तो उन्होंने इसे तीन मौकों (1930, 1932 और 1933) पर जीता होता। इस खिलाड़ी का 8 सितंबर 1978 को निधन हुआ।


सम्मान

2 ला लीगा
2 स्पेनिश कप

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