एमिरेट्सएडिडास

बुर्टाग्युरोन एमिलियो बटरगनो सैंटोस

1984 · 1995
दफ्तर
फॉरवर्ड
जन्म स्थान
मैड्रिड (स्पेन)
जन्म का साल
22/07/1963

एक प्रतिभाशाली, एक लेजेंड, एक सच्चे सज्जन

पोजिशन: फॉरवर्ड
मैच खेले: 463 आधिकारिक मैच
गोल: 171
स्पैनिश इंटरनेशनल: 69 मैच

बुर्टाग्युरोन रियल मैड्रिड के वो महान खिलाड़ी हैं जिन्होंने फुटबॉल को खेल से कला में बदला। उनकी ड्रिब्लिंग की क्षमता और गोल करने की कला का
हर कोई मुरीद था। उनकी इस कला के कारण बड़े से बड़े डिफेंडर को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। उनका निकनेम ( वल्चर) उस समय पड़ा, जब उस दौर में महान खिलाड़ियों का बोलबाला होता था। इस खिलाड़ी ने सांची, मिशेल, मार्टीन वाक्ज़ और पर्डेज़ा के साथ प्रसिद्ध क्विंटा डेल ब्यूट्रे का नेतृत्व किया था।

खेल के प्रति उनकी दूर दृष्टि और उनकी काबिलियत को देखते हुए एटलेटिको डी मैड्रिड के स्काउट्स ने उन्हें साइन करने की कोशिश की थी लेकिन बुर्टाग्युरोन और उनके पिता जो रियल मैड्रिड के सदस्य थे, वह चाहते थे कि ये खिलाड़ी रियल मैड्रिड की तरफ से खेले और आखिर में उन्होंने रियल मैड्रिड की युवा टीम के साथ अनुबंध किया।

जब ये खिलाड़ी रियल मैड्रिड कास्टिला की तरफ से खेल रहा था, तभी इनका नाम अखबार की हेडलाइन्स में आना शुरू हो गया था। उनके
जबरदस्त गोल्स की संख्या के बाद अल्फ्रेडो डि स्टेफानो ने उन्हें सीनियर टीम में मौका दिया। इसके बाद 5 फरवरी 1984 को अपना पहला मैच खेला और 14 नंबर की जर्सी पहन उन्होंने ना केवल 2 गोल किए बल्कि एक गोल करने में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाई।

साल 1985 और 1986 में बुर्टाग्युरोन ने यूइएफए कप में शानदार प्रदर्शन कर ना केवल खिताब अपने नाम किए बल्कि पूरे यूरोप में अपना नाम कर लिया। इस खिलाड़ी ने लगातार 2 बार अंडर-24 में ब्रावो ट्रॉफी भी जीती। ह्यूगो सेंचेज के साथ मिलकर इस खिलाड़ी ने कई यादगार जीत दर्ज की।

बुर्टाग्युरोन 12 साल तक टीम के नियमित सदस्य रहे और 15 जून 1995 को इस खिलाड़ी ने संन्यास का ऐलान कर दिया। इस खिलाड़ी ने पूरे समर्पण के साथ क्लब को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका दिलाई।


सम्मान

6 लिगास,
2 यूइएफए,
2 स्पैनिश
कप,
1 स्पैनिश लीग कप,
4 स्पैनिश सुपर कप

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