एमिरेट्सएडिडास

1931-1940

कनाडा में जन्मे जेम्स नाइस्मिथ ने 1891 में बास्केटबॉल खेल का आविष्कार किया था, बास्केटबॉल को स्पेन में पहुंचने के लिए तीन दशक का वक्त लग गया। इसके साथ ही 1920 के आखिर में इस खेल की लोकप्रियता लगातार बढ़ती गई। वहीं, इस खेल को लेकर एंजेल काबरेरा ने रियल मैड्रिड को प्रस्ताव दिया कि क्लब एक अपनी टीम शुरु करे और फिर रियल मैड्रिड क्लब ने बास्केटबॉल टीम का निर्माण किया, जो स्पेन में बास्केटबॉल खेल को निर्णायक बनाने में साबित हुई और आज यह खेल काफी प्रसिद्ध हो गया है।

काबरेना एक स्पेनिश थे, जो उस समय अर्जेंटीना में बास्केटबॉल खेल रहे थे। वहीं, रियल मैड्रिड ने उन्हें अपनी पहली टीम में जगह दी। 8 मार्च 1931 को डेली अखबार एबीसी में एक विज्ञापन प्रकाशित किया गया, जिसमें निम्नलिखित जानकारी दी गई, "जो व्यक्ति इस खेल को लेकर प्रैक्टिस करने में रुचि रखते हैं उनसे निवेदन किया जाता है कि वो क्लब के सचिव कैबलेरो डे ग्रेसिया से मुलाक़ात करें और आगे की जानकारी प्राप्त करें।"

शुरुआती दौर में लोगों के प्रयास से स्पेन में बास्केटबॉल खेल को आगे बढ़ाने में काफी मदद मिली। काबरेरा बास्केटबॉल प्रोजेक्ट के फाउंडर थे और उन्होंने न सिर्फ टीम के लिए खेला बल्कि फेडरेशन डे कैस्टिला के लिए एक प्रेरणास्रोत के तौर पर भी थे। इसके साथ ही उनके पहले साथियों में से एक सेगुंडो ब्राना को 1935 में टीम का पहला कोच बनाया गया। इन लोगों की मदद से रियल मैड्रिड ने अपना पांव जमाना शुरु किया और धीरे-धीरे यह खेल पूरे स्पेन में काफी लोकप्रिय हो गया।

1931 - 1940
  1. कैंपोनैटो डी कैस्टिला

    रियल मैड्रिड और रेयो क्लब डी मैड्रिड तीसवीं दशक की दो सबसे बड़ी टीमें थी।

  2. साहसी मार्ग-निर्माता

    स्पेन में शुरुआत के सालों में बास्केटबॉल खेल आउटसाइड और घास पर खेला जाता था।

  3. रीजनल रनर-अप

    1932 में रियल मैड्रिड की बास्केटबॉल टीम गठित की गई थी। उस समय रियल मैड्रिड टीम की सफेद शर्ट के बीच में एक पर्पल बैंड रहता था।

  4. पहली विजेता टीम

    हाथ में गेंद लिए फिलिपिनो जुआन कैस्टेल्वि, जिन्होंने 1933 में कैंपोनैटो डे कैस्टिला जीतने वाली टीम की कमान संभाली थी।

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एक बेहतरीन प्रतिद्वंद्वी टीम

रियल मैड्रिड टीम ने कैस्टिला चैम्पियनशिप में अपना मुकाबला खेलना करना शुरू किया, जहां टीम का मुकाबला एक बड़ी प्रतिद्वंद्वी टीम रेयो क्लब डी मैड्रिड के साथ था। दोनों टीमों ने सालों तक इस फील्ड में अपना बेहतरीन प्रदर्शन दिया था। 1933 में कैस्टिला चैम्पियनशिप (प्रतियोगिता का तीसरा संस्करण) के फाइनल में रियल मैड्रिड ने रेयो के खिलाफ अपना पहला खिताब हासिल किया और इसके साथ ही रियल मैड्रिड ने फिलिपिनो जुआन कैस्टेलवी के साथ एमवीपी मुकाबले में 22-16 से जीत दर्ज की। जहां रियल मैड्रिड के लिए ब्राना, मेक्सिमो अर्नोइज़, 'टानो' ओर्टेगा और जुआन नेग्रीन (जो जल्द ही स्पेनिश प्रधानमंत्री बने) शामिल थे। वहीं एक बार फिर स्पेनिश चैम्पियनशिप के फाइनल में दोनों टीमों का आमना-सामना हुआ, हालांकि रियल मैड्रिड को इस बार मात खानी पड़ी। रेयो टीम 1941 तक एक बेहतरीन विपक्षी टीम के तौर पर रही।

पहली बड़ी प्रतिद्वंद्विता

स्पेन के बाहर से फ्रोंटन कोर्ट तक का सफर

चामार्टिन स्टेडियम में उस समय इस खेल के खिलाड़ियों को देखने के लिए कोर्ट के चारों ओर दर्शकों का हुजूम उमड़ता था। वहीं, 1939  में रियल मैड्रिड ने अपने खेल को अब विलुप्त हो चुके रिकोलेटोस फ्रोंटन में स्थानांतरित कर दिया था। फ्रोंटन बास्केटबॉल कोर्ट में तब्दील होने वाली एकमात्र जगह नहीं थी। वहीं, अप्रैल 1933 में गोया बुलरिंग में मैड्रिड और लिस्बन के खिलाड़ियों के सेलेक्शन को देखने के लिए 14,000 प्रशंसकों की भीड़ उमड़ पड़ी। बता दें कि बास्केटबॉल शुरु में स्पेन के बाहर घास या लकड़ी के बैकबोर्ड पर खेला जाता था। जहां खिलाड़ी इस खेल में कैप, नीप पैड और सैंडिल पहनकर खेलते थे। रियल मैड्रिड का पहला बास्केटबॉल कोर्ट चामार्टिन फुटबॉल स्टेडियम के स्टैंड के पास स्थित था। जहां इस नए खेल को और खिलाड़ियों को देखने के लिए कोर्ट के बाहर काफी संख्या में दर्शक इकट्ठा होते थे। 1939 में रियल मैड्रिड ने रिकोलेटोस फ्रोंटन में खेलना शुरु किया। बताते चलें कि फ्रोंटन कोर्ट ही केवल एक ऐसी जगह नहीं थी जिसे बास्केटबॉल खेलने के अनुरूप बनाया गया था बल्कि प्लाजा डे टोरोस डे गोया (द गोया बुलरिंग) को भी इस तरह तैयार किया गया था। जहां रियल मैड्रिड और लिस्बन के बीच हो रहे मुकाबले को देखने के लिए 14,000 की संख्या में दर्शक इकट्ठा हुए थे।

बाहर से फ़्रंटन कोर्ट तक

सम्मान

कास्टाइल चैम्पियनशिप - 1

कास्टाइल चैम्पियनशिप

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