एमिरेट्सएडिडास
  1. सेंटिआगो बर्नबौ का एक और रूप 
  2. स्टेडियम से एक और नजरिया 
  3. सेंटिआगो बर्नबौ का नयनाभिराम दृश्य

अपने इतिहास के 1999- - 2000 सीजन में रियाल मेड्रिड ने आधुनिकीकरण करने के प्रयास शुरू किये, जिसका नाम 'इक्कीसवीं सदी का लीडिंग प्रोजेक्ट' रखा गया। क्लब के सदस्य और खिलाड़ियों को बहुत सारी सुविधाएं दी गयी जिसमें 'रियाल मेड्रिड लाइन'

(एक फ़ोन लाइन) थी जो कि सदस्यों और खिलाड़ियों के लिए थी। इस फ़ोन लाइन से टिकट भी खरीदे जा सकते थे जिसमें हस्तांतरणीय और वित्तीय सीजन टिकट भी शामिल थे। सेंटिआगो बर्नबौ स्टेडियम को क्षेत्रो में बांटा गया, और स्टेडियम में लगे निर्देश भी नए तरीके से लगाए गए। पाद्रे दामियाँ सड़क की तरफ वाला अखाड़ा फिर से बनाया गया, जिसमें 9,380 सीटें थी। ये बढ़त उन 16,000 सीटों के अलावा थी जो पिछले साल मैदान के अलग अलग क्षेत्रों में जोड़ी गयीं थी। बैठने की संख्या बढ़ कर पचहत्तर हज़ार की हो गयी थी, पर सभी बैठ कर मैच देख सकते थे।
 
फ़्लोरेंटीनो पेरेज़ ने अपने आप को अध्यक्ष चुने जाने के बाद स्टेडियम का 'इंस्फ्रास्ट्रक्टर मास्टर प्लान' जारी किया। उनकी योजना के हिसाब से स्टेडियम के अंदर सबसे आधुनिक सुविधाएं और आधारिक संरचना रहे, जिसका व्यावसायिक इस्तेमाल भी किया जा सके। इस सब के होने के बाद रियाल मेड्रिड का स्टेडियम साल भर चलने वाला स्टेडियम बन चुका था। इस स्टेडियम में अब चार रेस्तरां हैं, 'टूर ऑफ़ द बर्नबौ' है और दुनिया का सबसे बड़ा खेल का सामान रखने वाली दुकान भी है।

रियाल मेड्रिड ने इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड बदल दिए, जनता में घोषणा करने वाली प्रणाली को बदल दिया और ड्रेसिंग रूम्स को भी। पाद्रे दामियाँ की नयी छत बदली गयी। कम से कम 1,300 गर्म हवा देने वाले यंत्रो के लग जाने के बाद सबसे बढ़िया मैदानों में शामिल हो गया। अपने 'इंटीग्रेटेड कण्ट्रोल यूनिट' की मदद से रियाल मेड्रिड पूरी तरह दूर से ही प्रबंधित स्टेडियम बन चुका है। सन 2007 में यूएफा ने इसे अपने सबसे शानदार स्टेडियमों में शामिल कर लिया। रियाल मेड्रिड खेल, व्यावसायिक और व्यापारिक के नज़रिये से एक स्तरीय स्टेडियम बन चुका है जो पाठ पढ़ाता है आधुनिकता का, कार्यक्षमता का और प्रबंधन का।

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